चौथा आयाम

चौथा आयाम
The Fourth Dimension

पुस्तक के बारे में

भौतिक रूप से हम इस संसार में तीन आयामों में अस्तित्व रखते हैं, लेकिन अपने विचारों में हम एक अलग ही दुनिया में रहते हैं। यह हमारे विचारों की दुनिया है—चौथा आयाम

इस आयाम में हम अपनी कुछ जटिल समस्याओं को अधिक निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ दृष्टि से समझ सकते हैं।

सदियों से विभिन्न मान्यताओं और विचारों से प्रभावित होकर हमने अपने आदर्शों को मानवता से अधिक महत्व देना शुरू कर दिया है। कभी-कभी गलत धारणाओं के कारण हमारे मन में नकारात्मक विचार उत्पन्न होते हैं, जिनसे हमारे जीवन में बाधाएँ खड़ी हो जाती हैं।

हमारी अनेक समस्याओं का कारण हमारे सोचने का तरीका होता है। अपने विचारों की दिशा बदलकर हम स्वयं को अनेक कठिनाइयों से बचा सकते हैं।

पुस्तक का विवरण

Language: Hindi
Published in: 2001
Pages: 216
Size: 22.5 × 14 cm
Thickness: 2 cm
Weight: 500 g
Price: ₹1,200
Copies available: 10

ISBN: 978-81-967750-9-4
Original ISBN: 

Synopsis